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भारत जल सप्ताह 2024-जल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए वैश्विक सम्मेलन
नयी दिल्ली। भारत जल सप्ताह (आईडब्ल्यूडब्ल्यू) 2024 का 8वां संस्करण 17 से 20 सितंबर, 2024 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया गया। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित, यह प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम जल संसाधन प्रबंधन में सहयोग के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में स्थापित हो गया है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल और राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी भी उपस्थित थे।
वैश्विक जल विशेषज्ञों, सरकारी नेताओं और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ, इस कार्यक्रम का उद्देश्य जल प्रबंधन की महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करना, नवाचार को बढ़ावा देना एवं स्थायी जल कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देना था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने उद्घाटन भाषण के दौरान जल की कमी को कम करने और सभी के लिए जल तक सतत पहुंच सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने भारत की प्राचीन जल प्रबंधन कार्यप्रणालियों का हवाला देते हुए जल संरक्षण और प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की भूमिका पर जोर दिया।राष्ट्रपति ने कहा कि पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का केवल 2.5 % ही मीठा जल है। उसमें से भी केवल 1% ही मानव उपयोग के लिए उपलब्ध है। दुनिया के जल संसाधनों में भारत की हिस्सेदारी 4 % है। हमारे देश में उपलब्ध जल का लगभग 80 %कृषि क्षेत्र में उपयोग किया जाता है। उन्होंने “कैच द रेन” अभियान (2021) जैसी सफल पहलों के बारे में बताया, जिसका उद्देश्य पूरे देश में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। राष्ट्रपति ने जल संरक्षण के लिए एक जन आंदोलन का भी आह्वान किया, जिसमें नागरिकों से जल के बढ़ते संकट को दूर करने के लिए "जल योद्धा" बनने का आग्रह किया।
8वें भारत जल सप्ताह (आईडब्ल्यूडब्ल्यू) 2024 का समापन सत्र 19 सितंबर 2024 को नई दिल्ली में हुआ। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने की जिसमे राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी उपस्थित थे। इस सत्र में भूजल विनियमन के लिए भू-नीर पोर्टल का शुभारंभ किया गया। जल संसाधनों एवं सिंचाई परियोजनाओं पर महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।
भारत जल सप्ताह 2024 से मुख्य बातें
सहयोग और सहकारिता: जल सुरक्षा सिर्फ विभिन्न क्षेत्रों और सीमाओं के पार भागीदारी के माध्यम से ही प्राप्त की जा सकती है।
जल प्रबंधन में नवाचार: जल संसाधन प्रबंधन की भविष्य की चुनौतियों का समाधान करने के लिए स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार महत्वपूर्ण हैं।
सामुदायिक भागीदारी: स्थानीय समुदाय जल संरक्षण प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और सतत विकास को प्राप्त करने के लिए उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है।
नीतिगत सिफारिशें: इस कार्यक्रम ने जलवायु अनुकूल, बुनियादी ढांचे के विकास और भूजल प्रबंधन में चुनौतियों का समाधान करते हुए सतत जल शासन के लिए कई नीतिगत सिफारिशें कीं।
निष्कर्ष
भारत जल सप्ताह 2024 एक ऐतिहासिक आयोजन था, जहाँ 21वीं सदी में जल प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए हितधारकों के विविध समूह एक मंच पर एकत्रित हुए । इस आयोजन ने भागीदारी, सहयोग और नवाचार के माध्यम से जल विकास के लिए अधिक स्थायी और समावेशी दृष्टिकोण का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे सभी के लिए जल संसाधन समान रूप से उपलब्ध हो सकें ।
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