• 06 Oct, 2026

भारत के तरकश में अब लगभग 190 एटम बम

भारत के तरकश में अब लगभग 190 एटम बम

भारत की न्यूक्लियर ताकत को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसने दुश्मनों की नींद उड़ा दी है. इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास लगभग 190 एटम बम और खतरनाक अग्नि मिसाइलें मौजूद हैं. जमीन, हवा और समंदर तीनों मोर्चों पर तैयार इस न्यूक्लियर ट्रायड और अचूक तकनीक ने चीन और पाकिस्तान की सिट्टी-पिट्टी गुम कर दी है.

इस वक्त डिफेंस वर्ल्ड से जो खबर बाहर आई है, उसे सुनकर अच्छे-अच्छों के होश उड़ने तय हैं. मामला एकदम भौकाल टाइट करने वाला है, क्योंकि बुलेटिन ऑफ द एटम साइंटिस्ट्स (BAS) की ताजा रिपोर्ट ने भारत की न्यूक्लियर पावर का ऐसा जलवा दिखाया है कि जिससे पाकिस्‍तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर की रातों की नींद उड़ जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के तरकश में अब लगभग 190 एटम बम जुड़ चुके हैं. भाई, बात सिर्फ हथियारों की नहीं है बल्कि उन्हें दुश्‍मन की छाती पर सटीक और गहरे तक दागने वाले सिस्‍टम की भी है. भारत ने जमीन, हवा और समंदर तीनों मोर्चों पर ऐसा न्यूक्लियर ट्रायड तैयार कर लिया है, जिसके आगे दुनिया के बड़े-बड़े धुरंधर पानी मांगते नजर आएंगे.
सोचिए जरा, एक तरफ जहां भारत दुनिया के सामने अपनी मिलिट्री ताकत और रणनीतिक नीतियों को लेकर पूरी तरह खामोश रहता है और अपनी कैपेबिलिटीज पर पर्दा डाल कर रखता है, वहीं अंदर ही अंदर देश का डिफेंस सिस्टम ऐसे खतरनाक लेवल पर पहुंच चुका है कि चीन और पाकिस्तान दोनों के पसीने छूट रहे हैं. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत के पास पृथ्वी से लेकर खतरनाक अग्नि सीरीज की मिसाइलें मौजूद हैं. और बात अगर ‘अग्नि-5’ की की जाए, तो भाई, इसकी मारक क्षमता इतनी जबरदस्त है कि यह पाकिस्तान, चीन, मिडिल ईस्ट, सेंट्रल एशिया और यूरोप तक के बड़े हिस्से को अपनी रेंज में समेट लेती है. यानी भारत में बैठकर ही दुनिया के किसी भी कोने पर नजर रखी जा सकती है और वो भी बॉर्डर से दूर देश के सुरक्षित अंदरूनी हिस्सों से.
Agni-V से हजारों किलोमीटर तक पहुंच
रिपोर्ट के अनुसार भारत की रणनीतिक मिसाइल ताकत का प्रमुख हिस्सा अग्नि सीरीज है. छह परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल सिस्‍टम को ऑपरेशनल बताया गया है. इनमें पृथ्‍वी-II, अग्नि-I, अग्नि-II, अग्नि-III, अग्नि-IV और अग्नि-V शामिल हैं. अग्नि-I की मारक क्षमता करीब 700 किलोमीटर है. अग्नि-II 2,000 किलोमीटर से ज्यादा, अग्नि-III 3,200 किलोमीटर से ज्यादा और अग्नि-IV 3,500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक पहुंच सकती है. अग्नि-V की रेंज 6,000 किलोमीटर से कम बताई गई है. अग्नि-V की लंबी दूरी भारत को इसे सीमा से काफी अंदर तैनात करने की क्षमता देती है.

रिपोर्ट में अग्नि-V के MIRV तकनीक का प्रदर्शन करने का भी जिक्र है. MIRV यानी एक मिसाइल से कई अलग-अलग लक्ष्यों की ओर कई पुनःप्रवेश वाहनों को निर्देशित करने की क्षमता. रिपोर्ट के मुताबिक अग्नि-V में कितने हथियार तैनात किए जा सकते हैं इसकी वास्तविक जानकारी सार्वजनिक नहीं है. Agni-P भी व्यापक ऑपरेशनल तैनाती की ओर बढ़ रही है.
परमाणु ट्रायड का समुद्री हिस्सा मजबूत
भारत के परमाणु ट्रायड का तीसरा हिस्सा समुद्र में मौजूद है. रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2026 में तीसरी स्वदेशी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS Aridhaman को शामिल किया गया. यह INS अरिहंत और INS अरिघात के साथ भारत की समुद्री परमाणु क्षमता को मजबूत करती है. पनडुब्बियों की सबसे बड़ी खासियत उनकी छिपकर रहने की क्षमता है. इससे किसी बड़े हमले के बाद भी जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता बनी रह सकती है.
मिराज 2000 और जगुवार के साथ राफेल पर नजर
रिपोर्ट भारत की वायु आधारित परमाणु क्षमता में Mirage 2000 को प्रमुख भूमिका में रखती है. Jaguar को भी परमाणु मिशन से जुड़ा बताया गया है. वहीं भविष्य में पुराने Jaguar विमानों की जगह Rafale की भूमिका बढ़ने का अनुमान जताया गया है. भारत की परमाणु नीति लंबे समय से ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ यानी No First Use पर आधारित है. रिपोर्ट के मुताबिक इसके साथ भारत ऐसी क्षमताएं विकसित कर रहा है जो विश्वसनीय और सुनिश्चित जवाबी हमला सुनिश्चित कर सकें. यही रणनीति भारत के परमाणु प्रतिरोध की मुख्य आधारशिला है.