सेहत मिशन लॉन्च: खेती से स्वास्थ्य तक भारत की नई बड़ी पहल
केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा बोले- रिएक्टिव नहीं, प्रोएक्टिव हेल्थ सिस्टम की दिशा में बड़ा कदम , शिवराज सिंह चौहान बोले- जो खाना है, वही उगाना है, तभी बनेगा स्वस्थ भारत

2024 से 1.08 लाख रिक्तियों की घोषणा की गई; वित्तीय वर्ष 2026-27 में 50,000 नियुक्तियां की जाएंगी . निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे अभ्यर्थियों के प्रमाणीकरण के लिए आधार का उपयोग कर रहा है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल करने की गुंजाइश को खत्म करने के लिए जैमर का उपयोग कर रहा है
रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने नवंबर 2024 से अब तक 55197 रिक्तियों वाली सात विभिन्न अधिसूचनाओं के लिए 1.86 करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) आयोजित की हैं। इससे आरआरबी वित्तीय वर्ष 2025-26 में 50,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्तियां प्रदान कर सकेगा। इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में आरआरबी द्वारा 9000 से अधिक नियुक्तियां की जा चुकी हैं।
रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) परीक्षाओं के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट आयोजित करना एक बहुत बड़ी प्रक्रिया है जिसमें काफी योजना और समन्वय की आवश्यकता होती है। आरआरबी ने हाल ही में अभ्यर्थियों के निवास स्थान के नजदीकी परीक्षा केंद्र आवंटित करने की पहल की है, जिसमें महिला और दिव्यांग उम्मीदवारों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित करने के लिए अधिक परीक्षा केंद्रों को सूचीबद्ध करने और अधिक मानव संसाधन जुटाने की आवश्यकता है।
आरआरबी द्वारा प्रकाशित वार्षिक कैलेंडर के अनुसार 2024 से 108324 रिक्तियों के लिए बारह अधिसूचनाएं पहले ही जारी की जा चुकी हैं, अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में 50,000 से अधिक नियुक्तियां की जाएंगी।
परीक्षा की निष्पक्षता बढ़ाने के लिए, पहली बार इतने बड़े पैमाने पर होने वाली परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की पहचान प्रमाणित करने के लिए ई-केवाईसी आधारित आधार प्रमाणीकरण का उपयोग किया गया है।इससे पहचान प्रमाणित करने में 95 प्रतिशत से अधिक सफलता मिली। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल करने की गुंजाइश को खत्म करने के लिए अब आरआरबी के सभी परीक्षा केंद्रों पर शत-प्रतिशत जैमर लगाए जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा बोले- रिएक्टिव नहीं, प्रोएक्टिव हेल्थ सिस्टम की दिशा में बड़ा कदम , शिवराज सिंह चौहान बोले- जो खाना है, वही उगाना है, तभी बनेगा स्वस्थ भारत
श्री चौहान ने किसानों के लिए ‘बीज प्रबंधन 2.0’ प्रणाली और ऑनलाइन बीज बुकिंग प्लेटफॉर्म का भी किया शुभारंभ ,अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित संयंत्र से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और बीज उत्पादन की गुणवत्ता में वृद्धि होगी- श्री शिवराज सिंह
एआई तत्परता के लिए कौशल विकास (एसओएआर) का लक्ष्य कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के स्कूली छात्रों और शिक्षकों को एआई में सक्षम बनाना है, ताकि इस तेज़ी से डिजिटल होती दुनिया में भविष्य के लिए तैयार भारत का निर्माण हो सके।

